चुनाव प्रचार के लिए हेलिकॉप्टरों को लेकर मारा मारी, बीजेपी ने बाजी मारी।

Published : Apr 03, 2019 07:41 pm | By: National Mindset News

चुनाव प्रचार के लिए हेलिकॉप्टरों को लेकर मारा मारी, बीजेपी ने बाजी मारी।

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लोकसभा चुनाव में पहले चरण के मतदान में बस एक सप्ताह बचा है। सभी पार्टियों के स्टार प्रचारक तूफानी दौरों में व्यस्त हैं। एक एक दिन में कई कई रैलियों को संबोधित करने का दबाव तो है ही, समय पर पहुंचने का दबाव उससे ज्यादा होता है। और इन रैलियों में समय पर पहुंचने के लिए पहली जरूरत होती है उड़नखटोले यानि हेलिकॉप्टर की। देश में उपलब्ध सारे हेलिकॉप्टर इस वक्त बुक हैं और इनमें सबसे ज्यादा हेलिकॉप्टरों पर बीजेपी ने कब्जा जमा रखा है। आलम यह है कि कांग्रेस या अन्य विपक्षी दल अब शिकायत कर रहे हैं कि उन्हें जरूरत के मुताबिक हेलीकॉप्टर मिल ही नहीं रहे हैं।


देश भर में लगभग 260 हेलीकॉप्टर और लगभग 200 चार्टर्ड प्लेन हैं। चुनावों में इनकी डिमांड बहुत ज्यादा है और महीनों पहले ये सारे हेलिकॉप्टर बुक किए जा चुके हैं। बीजेपी की टीम चुनाव की तैयारियों में काफी पहले से जुट जाती है और इसे मालूम है कि अंत में हेलिकॉप्टरों के लिए मारा मारी बढ़ेगी, इसलिए महीनों पहले ही सारी बुकिंग पक्की कर ली गयी है। खर्चे की बात करें तो आम दिनों के मुकाबले चुनावों के समय, मांग बढ़ने पर हेलिकॉप्टर के प्रति घंटे के किराए भी बढ़ जाते हैं। अभी उपलब्ध हेलिकॉप्टरों और बिजनेस जेट का किराया 1 लाख 50 हजार प्रति घंटे से लेकर 4 लाख प्रति घंटे तक बैठता है। यहां तक कि हेलिकॉप्टर के खड़े रहने का भी किराया भरना पड़ता है। जानकारों के मुताबिक इस बार के चुनाव प्रचार के लिए जितनी आक्रामक तरीके से हेलिकॉप्टर की बुकिंग हुई है, वैसी बुकिंग पहले कभी नहीं हुई। हालांकि, हेलिकॉप्टर सीमित हैं इसलिए बीजेपी के पहले ही बुकिंग के बाद कई पार्टियां इसमें पीछे रह गईं। पहले बुकिंग का मतलब अपनी कैपेंनिंग को तेज करने के साथ ही विपक्षी पार्टी की कैपेनिंग को धीमा करना भी है। चुनाव के इस गर्म माहौल में हेलिकॉप्टर और चार्टेड प्लेन कंपनियों की भी चांदी हो गई है। ये कंपनियां घंटों के हिसाब से हेलिकॉप्टर की बुकिंग के साथ ही पूरे चुनावी सीजन के लिए पैकेज में भी बुकिंग कर रही हैं। देश में सबसे ज्यादा हेलिकॉप्टर पवन हंस और ग्लोबल वेक्ट्रा हेलीकॉर्प के पास है। इसके अलावा चार्टर्ड प्लेन कंपनियों, क्लब वन एयर और ताज एयर के पास प्लेन की अच्छी फ्लीट है। साथ ही बड़े औद्योगिक घरानों के पास भी अपने हैलिकॉप्टर और जेट हैं जिसे चुनाव के समय ये व्यक्तिगत संबंधों के आधार पर उपलब्ध करवाते हैं, जिसका इस्तेमाल राजनीतिक दल चुनाव प्रचार में करते हैं। हेलिकॉप्टर से चुनाव प्रचार के कई फायदे हैं। एक तो आप अपने स्टार प्रचारक को कम समय में ज्यादा से ज्यादा जगहों पर पहुंचा सकते हैं और महीने डेढ़ महीने चलने वाले चुनाव प्रचार में आपके प्रचारक बिना थके लगातार घूम सकते हैं। इसके जरीए सुदूर ग्रामीण, पहाड़ी या जंगली इलाकों में भी आसानी से पहुंचा जा सकता है। दूसरे ग्रामीण मतदाताओं पर भी हेलिकॉप्टर का अच्छा खासा प्रभाव पड़ता है और सभाओं में भीड़ जुटाने में आसानी होती है। खैर, चुनावी सरगर्मी चरम पर है और सभी दलों के स्टार प्रचारक रंगबिरंगे उड़नखटोलों में बैठे ज्यादा से ज्यादा सभाओं तक पहुंचने की होड़ में जुटे हैं। अब किसकी मेहनत कितनी रंग लाती है ये तो नतीजों के बाद ही पता चलेगा।

 


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