मुसलमानों ने थामा कमल, रंग चढ़ा इंद्रेश कुमार का

Published : May 18, 2019 03:09 pm | By: National Mindset News

मुसलमानों ने थामा कमल, रंग चढ़ा इंद्रेश कुमार का

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भारतीय राजनीति में भारतीय जनता पार्टी आज सफलता के शीर्ष पर है। अपनी स्थापना के बाद से ही बीजेपी अपनी नीतियों, सिद्धांतों और विचारधारा के बल पर देश के कोने कोने में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाती रही और एक एक सीढ़ी चढ़ते हुए सत्ता के शिखर तक पहुंची। लेकिन सवाल यह उठता है कि आखिर पार्टी की ये मजबूती और इतनी ताकत आती कहां से है। सबसे पहली तस्वीर उभरती है राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ही वह ताक़त है, जिस संगठन के आधार पर आज भाजपा 300 से अधिक सीटें हासिल करने का दावा कर रही है। संघ के स्वयंसेवक और प्रचारक शहर शहर गांव गांव घूम कर लोगों को जागरूक करने में जुटे हैं और खासकर वैसी जमात जिन्हें समझाना बीजेपी के नेताओं के वश की बात नहीं है, उनपर संघ के प्रचारक ध्यान देते हैं।


बीजेपी के चुनावी समीकरण को साधने में संघ की गतिविधियां कितनी सहायक होती हैं इसी की जांच के लिए संघ के राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य इंद्रेश कुमार के पिछले 15 दिनों की गतिविधियों का जायजा लेने पर चौंकाने वाले तथ्य हमारे सामने आए, और साफतौर पर यह दिखने लगा कि भाजपा को यह शक्ति मिलती कहां से है। 15 दिनो में 12 शहर और लगभग 20 सभाओं को इन्होंने संबोधित किया जिनमें ज्यादातर कार्यक्रम मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की ओर से आयोजित किए गये थे, जिनके इंद्रेश कुमार संस्थापक प्रभारी और मर्गदर्शक भी हैं। इस तरह के संघ समर्थित लगभग 42 संगठनों के इंद्रेश कुमार      संरक्षक हैं। इन 15 दिनों में हज़ारों मुसलमानो से सीधा संपर्क क़ायम करना और साथ ही अधिक से अधिक मतदान के लिए प्रेरित करना और अगले शहर के लिए बढ़ जाना। और वो भी बिना किसी शोर शराबे या तामझाम के, बिना मिडिया की नजर में आए। इंद्रेश कुमार का इस लोकसभा चुनाव में एक ही लक्ष्य है, चुनाव जागरूकता और अधिक से अधिक मतदान। मुस्लिम मतदाता को जोड़ने की क़वायद। यूपी की तरह पूरे देश की मुस्लिम महिलाओं में विश्वास पैदा करने का प्रयास। एक लम्बे और मज़बूत राजनीतिक भारत का सबल आधार तैयार करना है तो सबसे पहले देश के 20 करोड़ मुसलमानों के साथ समरसता कायम करनी होगी। आजादी के बाद से ही कांग्रेस और इसकी जैसी अन्य पार्टियों ने मुसलमानों के अंदर संघ और इसके सहयोगी संगठनों के खिलाफ लगातार जहर भरने का काम किया है। इससे समाज में सांप्रदायिक सौहार्द तो बिगड़ा ही है सामाजिक समरसता भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। संघ इसी समरसता को बहाल करने के प्रति दृढ़संकल्प है। इनके मीडिया सहयोगी अजय कुमार बताते हैं कि इंद्रेश जी के कार्यक्रमों से जो संदेश निकल कर आता है उसको सोशल मीडिया के जरिए ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की जाती है। इंद्रेश जी की सभाओं की सबसे खास बात ये होती है कि वे सभा में उपस्थित सभी मुसलमान साथियों को हाथ उठाकर संकल्प दिलाते हैं कि सच्चे मुसलमान बंनें और सच्चे इंसान बंनें। इंद्रेश कुमार कहते हैं कि कट्टर बनने के लिए जो कहता है, वह शैतान के रास्ते पर चल रहा है। जो सच्चा, नेक व अच्छा इंसान बनने के लिए कहता है वह रसूल का, इंसानियत, मानवता और हिन्दुस्तानियत का रास्ता है। इंद्रेश कुमार का कहना है कि मुसलमानों ने देश की आजादी के बाद सत्तर सालों तक जिस दल पर भरोसा किया, उसने उन्हें बर्बादी के सिवा कुछ भी नहीं दिया। जबकि मुसलमानों को भी अब पता चल गया है कि जिनसे नफरत की उन्होंने उनका कुछ भी नहीं बिगाड़ा है। अब भारत का मुसलमान भी बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर भरोसा करने लगा है, जो आने वाले समय में और भी पक्का होता चला जाएगा। उन्होंने कहा कि आरएसएस के प्रति भी मुसलमानों के नजरिए में तब्दीली देखने को मिल रही है। इंद्रेश कुमार ने कुरान और शरियत के हवाले से कहा कि मुसलमान एक खुद्दार हिंदुस्तानी है। कुछ लोग उनको बंधुआ मजदूर बनाए हैं। उन्होंने कहा कि संघ मुसलमानों का दुश्मन नहीं विश्वसनीय दोस्त है। संघ सभी भारतीयों के लिए है। संघ भारत, भारतीयता और भारत की रक्षा के लिए हमेशा दृढ़ संकल्पित है। देश के लाखों मुसलमान अब ऐसी सरकार चाहते हैं जो उम्मीदों के अनुकुल हो। उन्होंने कहा कि 2014 से लेकर 2019 के बीच देश के मुसलमानों का रुझान बीजेपी की ओर तेजी से बढ़ा है। तीन तलाक और हलाला के मामले से मुस्लिम महिलाओं का भी बीजेपी को समर्थन मिल रहा है। इसके साथ ही मोदी सरकार ने हज का कोटा सवा लाख से बढ़ाकर दो लाख कर दिया, जिससे देश के मुसलमानों में एक अच्छा संदेश गया है। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने इंद्रेश कुमार की पहल पर तीन तलाक से पीड़ित मुस्लिम महिलाओं के लिए पेंशन योजना शुरू की है जिससे ऐसी हजारों महिलाओं को काफी राहत मिली है। इंद्रेश कुमार मुस्लिम बच्चों को आगे बढ़ाने पर काफी जोर देते हैं। उनका कहना है कि छात्रों को उपयुक्त बुनियादी प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए और देश से प्रेम करने के बारे में बताया जाना चाहिए। बहादुर शाह जफर जैसे लोगों की जीवनी से परिचित करवाया जाना चाहिए। ताकि वह जब मदरसा से बाहर आए तो देशभक्ति, राष्ट्रवाद और इस्लाम को समझ सके। 2002 में मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के गठन के बाद से ही इंद्रेश कुमार संघ से मिले अन्य दायित्वों को पूरा करने के साथ साथ, लगातार मुसलमानों में संघ और बीजेपी के प्रति विश्वास कायम करने में जुटे हैं। बीजेपी को पिछले कुछ चुनावों में इसका फायदा भी मिला है और इस बार के लोकसभा चुनाव में भी खुलकर न सही लेकिन मुसलमानों का एक बड़ा वर्ग बीजेपी की तरफ मुड़ा है। खासकर मुस्लिम महिलाओं में यह विश्वास पैदा हुआ है कि बीजेपी ही उनकी सच्ची हितैषी है। और मुसलमानों को जो भी वोट बीजेपी को मिलता है, उसका सारा श्रेय इंद्रेश कुमार को ही जाता है।

 


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