"ऑनलाइन क्राउड फंडिंग" : चुनाव में ऑनलाइन फंड जुटा रहे प्रत्याशी, कन्हैया ने जोड़े 70 लाख तो आतिशी को मिले 50 लाख।

Published : Apr 10, 2019 06:04 pm | By: National Mindset News

\"ऑनलाइन क्राउड फंडिंग\" : चुनाव में ऑनलाइन फंड जुटा रहे प्रत्याशी, कन्हैया ने जोड़े 70 लाख तो आतिशी को मिले 50 लाख।

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चुनाव लड़ना अब आसान नहीं रह गया है। चुनाव पंचायत का हो या लोकसभा का, सबमें पैसे खर्च होते हैं। लोकसभा चुनाव में ये खर्च करोड़ों तक पहुंच चुका है। ऐसे हालात में आम आदमी अब चुनाव लड़ने के बारे में सोच भी नहीं सकता। लेकिन चुनाव लड़ने का हक सबको है। तो इसका आसान रास्ता है, “ऑनलाइन क्राउड फंडिंग”, जिसके सहारे कई उम्मीदवार इसबार चुनाव लड़ रहे हैं।


चंदा लेकर चुनाव लड़ने की परंपरा नई नहीं है। आजादी के बाद से ही उम्मीदवार चंदे के सहारे चुनाव लड़ते आ रहे हैं। बड़े राजनीतिक दलों को जहां करोड़ों में चंदा मिलता है वहीं आम उम्मीदवार भी लाखों रुपये का चंदा जमा कर लेता है। लगातार मंहगे होते चुनावों में हर किसी को पैसे की जरूरत पड़ती है। ऐसे में गरीब उम्मीदवार, लोगों से चंदा जुटाकर अपना खर्च निकालता है। इसी का आधुनिक स्वरूप है “ऑनलाइन क्राउड फंडिंग”। हालांकि ऑनलाइन क्राउड फंडिंग का विचार भारत में नया है लेकिन चुनाव के दौरान उम्मीदवार लंबे समय से आम लोगों से मदद लेते आए हैं। देश में कॉर्पोरेट फंडिंग के आने के बाद आम लोगों से पैसे मांगने की परंपरा खत्म हो रही थी। लेकिन इससे चुनाव में कालाधन भी बहुत बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होने लगा है। ऑनलाइन क्राउड फंडिंग से पारदर्शी तरीके से नेता पैसा ले सकते हैं। इसके साथ ही यह पता होता है कि कौन चंदा दे रहा है। इसबार के चुनाव में भी अलग अलग पार्टियों के कई उम्मीदवार ऑनलाइन क्राउड फंडिंग का सहारा लेकर अपना चुनाव लड़ रहे हैं। दरअसल, ऑनलाइन क्राउड फंडिंग वह तरीका है जिससे ऑनलाइन के माध्यम से लोगों से पैसा जुटाया जाता है और संबंधित उम्मीदवार को दे दिया जाता है। क्राउड फंडिंग के काम में कई वेबसाइट्स लगे हुए हैं। लोकसभा चुनाव में एक उम्मीदवार के खर्च करने की अधिकतम सीमा 70 लाख रुपए तय है। बिहार की बेगूसराय सीट से सीपीआई उम्मीदवार कन्हैया कुमार ने सिर्फ क्राउड फंडिंग के सहारे ही 70 लाख जुटा लेने का दावा किया है। वे पहले उम्मीदवार हैं, जिनको निजी तौर पर चुनाव लड़ने के लिए इतनी रकम मिली है। पूर्वी दिल्ली में आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार आतिशी ने भी उनके साथ ही अभियान शुरू किया था पर उनको 50 लाख के करीब ही क्राउड फंडिंग से मिल पाया है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश के पर्चुर निर्वाचन क्षेत्र से बीएसपी के उम्मीदवार पेड़ापुड़ी विजय कुमार ने अब तक 1 लाख नब्बे हजार रुपये जुटाए हैं। सीपीआई-एम के दिग्गज लीडर मोहम्मद सलीम भी पीछे नहीं हैं। ऑनलाइन क्राउडफंडिंग प्लेटफॉर्म के मुताबिक उन्होंने 1 लाख चालीस हजार रुपये जुटाए हैं। इस बार कांग्रेस की टिकट पर नागपुर सीट से चुनाव लड़ रहे नाना पटोले भी क्राउड फंडिंग के जरिए पैसा जुटा रहे हैं। वे बीजेपी के दिग्गज नितिन गडकरी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं। बताया जा रहा है कि उनको भी अच्छा खासा चंदा मिल रहा है। यूरोप में चुनाव के दौरान ऑनलाइन तरीके से पैसे जुटाने की परंपरा काफी पुरानी है लेकिन भारत में यह पिछले एक दो वर्षों में ही प्रचलित हुआ है और यह पहली बार होगा कि बड़ी संख्या में उम्मीदवारों ने अपने चुनाव अभियान के खर्चों को पूरा करने के लिए ऑनलाइन का सहारा लिया है।

 

 


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