आगरा में हीमालय हींद महासागर के 54 देशों का अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन

Published : Oct 03, 2019 06:44 pm | By: National Mindset News

34 views

प्राचीन काल में हिंद महासागर के आसपास के 54 देशो से भारत व्यापार करता था...ये व्यापार हिंद महासागर के रास्ते नायिको के मदद से होता था..और इसमें कई महिने लगते थे....क्योकि हवा के बहाव के मदद से ही नाव एक किनारे से दूसरे किनारे जाता थी...जिसमे कम से कम 6 महीने लग जाते थे... लेकिन समय के साथ साथ ये  विलुप्त हो गया...इस व्यापार औऱ सम्बन्ध को दोबारा बेहतर करने के लिए दिनांक 28 और 29 सितंबर को आगरा के ताज होटल में हिमलाय हिंद महासागर राष्ट्रीय समूह के 54 देशों ने अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन  किया


.....जिसमे कई देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए..और व्यापार को दोबारा पहले जैसे कैसे किया जाए ..इन बातो पर चर्चा हुई...इस दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ  के वरिष्ठ नेता एवं राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच के मुख्य संरक्षक इंद्रेश कुमार ने  54 देशों के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित किया...इंद्रेश कुमार ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भारत के साथ ऐतिहासिक व सांस्कृतिक रूप से जुड़े 54 देशों के साथ सामाजिक, आर्थिक और सुरक्षा के मुद्दों पर एकजुट होकर कार्य करने पर बल दिया जाएगा.. इंद्रेश कुमार    ने कहा कि हिंद महासागर के साथ जुड़े देशों से प्राचीनकाल से रिश्ते हैं.. यूरोपियन यूनियन का उदाहरण देते हुए बताया कि इस समूह के एक देश की आबादी 142 है तो दूसरे की 199 है। जब यह यूरोपियन यूनियन बना सकते हैं तो 350 करोड़ की आबादी के भूभाग वाला यह क्षेत्र एक मजबूत संगठन के रूप में क्यों नहीं उभर सकते है..उन्होंने बताया कि भारत के साथ चीन की सीमा पर एक दिन में जितना धन व्यय होता है, वो भूटान भारत की सीमा पर दस साल में खर्च किए जाने वाले व्यय के बराबर है। इसी तरह पाकिस्तान की सीमा पर जितना व्यय एक दिन में होता है उतना भारत-नेपाल की सीमा पर एक साल में भी नहीं होता है। जब मित्र देशों की सीमाओं पर होने वाले खर्च में कटौती होगी तो इस धनराशि से सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य पर कार्य किया जा सकेगा... इंद्रेश कुमार ने कहा कि अब भारत के प्रधानमंत्री विश्व के सबसे शक्तिशाली देश के अगले राष्ट्रपति के लिए घोषणा कर रहे है... पहले कभी रूस केंद्रित दुनिया थी, फिर फ्रांस केंद्रित हुई... लंबे समय से अमेरिका केंद्रित दुनिया है और अब विश्व भारत केंद्रित हो गया है..वही मोजाम्बिक, पनामा, नाइजीरिया, अफगानिस्तान, भूटान, वियतनाम, तंजानिया, म्यांमार, पापुआ न्यूगिनी आदि देशों से आए प्रतिनिधियों ने भी एकजुटता की जरूरत बताई.


Nationalmindset TV Analysis

Prediction        Result
View More

पाक सैनिकों ने किया संघर्ष विराम का उल्लंघन

शिया वर्ग को CAB के अंतर्गत शामिल किया जाए- वसीम रिजवी

लालू यादव की जमानत याचिका खारिज, दी गई सजा नही हुई पूरी: झारखंड हाईकोर्ट

मेवाड़ यूनिवर्सिटी में दो पक्षों में हुए झगड़े की खुली पोल, वामपंथियों का प्रोपेगंडा आया सामने

Twitterretti over Aditya Thackeray's cousin's attendance in an official meeting

HM Amit Shah has introduced CAB in the Lok Sabha

लता मंगेशकर को कुल 28 दिनों बाद अस्पताल से मिली छुट्टी, ट्विटर पर जताया आभार

बीएचयू बवाल: 'गीता जयंती महोत्सव’ में नहीं पहुँचे वीसी, विरोध तेज

शिवसेना ने CAB में हिंदुओ को वोटिंग राइट्स मिलने का किया विरोध, गठबंधन से अलग होते ही बदले सुर

त्रिपुरा में नाबालिग से डेढ़ साल तक रेप, शादी के लिए रखी 5 लाख दहेज की मांग

पीएम मोदी का जन्मदिन आज, देश-विदेशों से मिली बधाईयां

असम में अस्पताल की बड़ी लापरवाही

चूड़ियों से गणेश की मूर्ति तैयार

आज चाँद पर उतर जायेगा भारत का यान

तबरेज अंसारी मॉब लिंचिंग मामले में एक और खबर ने मचाई सनसनी

भारत की दो महिलाओं ने चंद्रयान-2 मिशन में निभाया अहम रोल

काला बाजारी से निपटने के लिए पुलिस ने खोले अलग विभाग

उत्तराखंड में नए मोटर व्हीकल एक्ट के विरोध में हड़ताल

चांद पर उतरते समय विक्रम का संपर्क टूटा

नवरात्रि के मौके पर सूरत में टैटू की बढ़ी मांग