20 देशों के 65 प्रतिनिधी गवाह बने सबसे बड़े लोकतंत्र के महापर्व का, चुनाव आयोग के कुशल प्रबंधन को सराहा।

Published : May 13, 2019 04:41 pm | By: National Mindset News

20 देशों के 65 प्रतिनिधी गवाह बने सबसे बड़े लोकतंत्र के महापर्व का, चुनाव आयोग के कुशल प्रबंधन को सराहा।

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भारत में हो रहे लोकसभा चुनाव की पूरी प्रक्रिया को देखने समझने के लिए दुनिया के 20 देशों के 65 मेहमान इन दिनों यहां आए हुए हैं। रविवार को दिल्ली में हुए मतदान का इन मेहमानों ने जायजा लिया और इतने बड़े आयोजन को बिना किसी बाधा के कुशलता पूर्वक निपटाने के लिए चुनाव की जमकर तारीफ की। चुनाव आयोग के निमंत्रण पर ये मेहमान रूस, ऑस्ट्रेलिया, श्रीलंका, बांग्लादेश, भूटान, केन्या, मलेशिया, यूएई, म्यांमार और मैक्सिको से भारत आए हैं। इसके साथ ही चुनाव प्रबंधन संस्थाओं के अलावा इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर डेमोक्रेसी एंड इलेक्टोरल असिस्टेंस के प्रतिनिधि भी भारत के दौरे पर हैं।


दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में लोकसभा चुनाव करवाना किसी महायज्ञ से कम नहीं है। पूरी दुनिया की निगाह इस चुनाव पर चिकी रहती है। 91 करोड़ मतदाताओं के वोट की व्यवस्था करना और बिना किसी रूकावट के इसे सफलतापूर्वक संपन्न करवा लेना अपने आप में एक मिसाल है। लोग जानना चाहते हैं कि कैसे इतना विशाल आयोजन इतनी सफाई से पूरा हो जाता है। विदेशी मेहमानों ने रविवार को दिल्ली के चांदनी चौक, दक्षिणी दिल्ली, पूर्वी दिल्ली और पश्चिमी दिल्ली के अलावा दिल्ली से सटे गुड़गांव के मतदान केंद्रों का दौरा किया और वहां चल रहे मतदान की प्रक्रिया का जायजा लिया। मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने बताया कि भारतीय गणतंत्र की स्थापना के ठीक एक दिन पहले गठित चुनाव आयोग ने संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत मिले अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए देश में किस तरह अब तक निष्पक्ष, मुक्त और पारदर्शी चुनाव कराए हैं। आयोग ने हमेशा आलोचकों की परवाह न करते हुए मूल्यों की रक्षा की। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि आयोह, चुनाव कार्य को और समावेशी, नैतिक और मजबूत बनाने के प्रयास में हमेशा तत्पर है। चुनाव प्रबंधन में खामियों को दूर करने के लिए एक समिति गठित की जाएगी। उन्होंने बताया कि किस तरह सूचना प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करते हुए चुनाव प्रणालियों में सुधार किए गए हैं और उन्हें ई-विजिल एप के जरिए आम लोगों को भी चुनाव संबंधी शिकायतें दर्ज कराने का मंच मुहैया कराया गया है। उन्होंने विदेशी मेहमानों का चुनाव आयोग के विभिन्न विभागों के टीम लीडरों से भी परिचय कराया। 1952 में भारत में जहां 17 करोड़ मतदाता थे और दो लाख मतदान केन्द्र थे वहीं 2019 तक आते आते मतदाताओं की संख्या 91 करोड़ से ज्यादा हो गई। इतने विशाल देश में, अलग अलग मौसम, भौगोलिक संरचना और अलग अलग मानसिकता के लोगों को एक साथ जोड़कर सफलतापूर्वक चुनाव संपन्न करवा लेना सचमुच तारीफ की बात है जिससे पूरी दुनिया सीख लेती है।

 

 


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