कर्नाटक सरकार सुप्रीम कोर्ट का फैसला, बागी विधायकों को विश्वास मत में रहने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता!

Published : Jul 17, 2019 06:07 pm | By: National Mindset News

24 views

14 महीने पुरानी कर्नाटक सरकार पिछले कुछ दिनों से बागी विधायकों को लेकर जूझ रही है। अब यह उम्मीद की जा सकती है कि कर्नाटक का यह राजनैतिक संकट खत्म होगा और प्रदेश में नया रास्ता बनेगा। पिछले 14 महीनों में कोई भी माह ऐसा नहीं गया, जब कर्नाटक सरकार को लेकर कोई न कोई खबर मीडिया में नही आयी। अब इन खबरों पर विराम लग सकता है।


कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष को कांग्रेस-जेडीएस के 15 बागी विधायकों के इस्तीफे स्वीकार करने का निर्देश देने की मांग को लेकर दायर याचिका पर उच्चतम न्यायालय ने आज अपना फैसला सुना दिया। मुख्‍य न्‍यायाधीश रंजन गोगोई, जस्टिस दीपक गुप्ता और जस्टिस अनिरुद्ध बोस की पीठ ने आज का फैसला सुनाया। न्‍यायालय ने विधानसभा अध्‍यक्ष को कहा कि वह अपनी मर्जी के मुताबिक जो भी फैसला करना चाहते हैं करें, लेकिन पहले वह बागी विधायकों के इस्तीफों पर फैसला लें। न्यायालय ने कहा कि बागी विधायक सदन की कार्रवाई में हिस्सा लेने या नहीं लेने के लिए स्वतंत्र हैं। विधायकों को इसके लिए बाध्य न किया जाए। विधायकों के इस्तीफे पर विधानसभा अध्‍यक्ष नियमों के अनुसार फैसला करें। स्पीकर जब भी फैसला लें वह फैसला अदालत में पेश किया जाए। हालांकि, न्‍यायालय ने यह भी कहा कि स्पीकर पर फैसला लेने के लिए समय सीमा निर्धारित नहीं किया जा सकता। न्यायालय ने मंगलवार को इस मामले में सभी पक्षों की ओर से दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था जिसे आज सुनाया। वहीं कल कुमारस्वामी और विधानसभा अध्यक्ष ने बागी विधायकों की याचिका पर विचार करने के न्यायालय के अधिकार क्षेत्र पर सवाल उठाया था।

इस मामले में अपनी याचिका में बागी विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष पर आरोप लगाया था कि बहुमत खो चुकी गठबंधन सरकार को अध्यक्ष सहारा देने की कोशिश कर रहे हैं। जबकि न्यायालय की सुनवाई के आलोक में विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि संवैधानिक पदाधिकारी होने के नाते उन्हें इन विधायकों के इस्तीफे पर पहले फैसला करने और बाद में उन्हें अयोग्य ठहराने की मांग पर फैसला करने का निर्देश नहीं दिया जा सकता। जबकि मुख्यमंत्री कुमारस्वामी गुरुवार को विधानसभा में विश्वासमत का प्रस्ताव पेश करेंगे और अगर विधानसभा अध्यक्ष इन बागी विधायकों का इस्तीफा स्वीकार कर लेते हैं तो उनकी सरकार उससे पहले ही गिर सकती है।

इस पूरे मामले से जो एक महत्वपूर्ण संकेत मिलता दिख रहा है वो यह कि अब कर्नाटक का नाटक अपने पटाक्षेप की ओर बढ़ रहा है। मतलब यह कि यदि कल कुमारस्वामी की सरकार का फ्लोर टेस्ट होता है तो बहुत हद तक यह आशंका है कि सरकार गिर जायेगी। क्योंकि बागी विधायक शामिल होने और न होने के लिये स्वतंत्र हैं। ऐसे में बहुमत के आँकड़े तक पहुँचना अब कठिन है।


Nationalmindset TV Analysis

Prediction        Result
View More

राहुल गांधी को जम्मू जाने की नही मिली अनुमति

यूपी में तीन तलाक का मामला फिर आया सामने

अरुण जेटली का अंतिम संस्कार रविवार 2 बजे होगा

प्रियंका चोपड़ा को यूनिसेफ से पाक ने की हटाने की मांग

भारतीय टीम की धमाकेदार गेंदबाजी

बुजुर्ग महिला ने शौचालय की सफाई से गुजारी जिंदगी

सीएम योगी ने गोरखनाथ मंदिर में मनाई जन्माष्टमी

मुबंई में जन्माष्टमी की धूम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यूएई के दौरे पर

महाराष्ट्र में इमारत गिरने से 2 का मौत

पिछले पांच वर्षों में कितनी बदली महिलाओं की हालत, क्या रह गया बाकी।

मुसलमानों ने थामा कमल, रंग चढ़ा इंद्रेश कुमार का

PM Modi tendered his resignation to Ram Nath Kovind along with the Council of Ministers

मोदी की सुनामी में उड़ गई वंशवाद की राजनीति, मुख्यमंत्रियों के बेटे-बेटी से लेकर ‘महाराज’ तक हारे

सपने कितने ही सुहाने क्यों न हों, तब तक पूरे नहीं होते जब तक साथियों की सोच काम को लेकर एक जैसी नहीं होती है - प्रधानमंत्री

Modi- Didi face-off in high stakes Bengal battle

सीमा पर तैनात वीर जवानों को बच्चों ने कहा "Thank you", खूबसूरत कार्ड बनाकर व्यक्त की अपनी भावनाएं

"Villains end entire negativity on screen" Shailendra Shrivastava

बिहार में जाति धर्म से ऊपर उठकर विकास के मुद्दे पर वोट कर रहे हैं युवा, जातीय समीकरण को लग सकता है झटका।

हिन्दुत्व के मुद्दे पर लड़ी जाएगी भोपाल की जंग, दिग्गज दिग्विजय के खिलाफ बीजेपी ने उतारा साध्वी प्रज्ञा को।