Exit Poll के नतीजों से बौखलाया विपक्ष, संभावित हार का ठिकरा ईवीएम पर फोड़ने की तैयारी में

Published : May 22, 2019 04:34 pm | By: National Mindset News

Exit Poll के नतीजों से बौखलाया विपक्ष, संभावित हार का ठिकरा ईवीएम पर फोड़ने की तैयारी में

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चार दिन पहले एग्जिट पोल के नतीजे आने के बाद से देश में अजीब सा माहौल बन रहा है। एक ओर तो विपक्ष सिरे से इन नतीजों को खारिज कर रहा है वहीं दूसरी ओर इन्हें सही मान कर बुरी तरह बौखलाया हुआ भी है। हालांकि मतगणना कल होगी तभी असल नतीजे सामने आएंगे, लेकिन कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों के रवैये से ये लग रहा है कि उन्होंने दीवार पर लिखी इबारत पढ़ ली है और अपनी संभावित हार का ठीकरा ईवीएम पर फोड़ने और सरकार को बदनाम करने की भूमिका बनाने में जुट गये हैं।


लेकिन सवाल ये उठता है कि नतीजा किसी के भी पक्ष में आये, क्या विपक्ष का ये रवैया जायज है। 91 करोड़ मतदाताओं वाले इस विशाल लोकतंत्र में सफलतापूर्वक चुनाव करवा लेना अपने आप में एक बड़ी चुनौती है जिसे चुनाव आयोग ने कुशलता पूर्वक संपन्न करवाया है। इसमें चुनाव आयोग की महीनों की तैयारी, लाखों चुनावकर्मियों की कड़ी मेहनत और सुरक्षाबलों का समर्पण शामिल है। और आप एक झटके में इस पूरी कवायद को खारिज कैसे कर सकते हैं। यह देश के करोड़ों मतदाताओं के जनादेश का अपमान नहीं है। अभी तो परिणाम आये भी नहीं हैं और आपने पहले ही तय कर लिया कि बीजेपी ने धांधली की है। तरह तरह की अफवाहें फैलायी जा रही हैं। कोई कह रहा है ईवीएम बदले जा रहे हैं, कोई कह रहा है ईवीएम हैक किया जा रहा है, कोई कह रहा है लाखों ईवीएम गायब हो गये हैं। आखिर आप साबित क्या करना चाहते हैं। क्या इतना आसान है ये सब करना कि कोई अपनी मनमर्जी से कुछ भी कर ले। चुनाव आयोग बार बार समझा रहा है कि ये सारी आशंकाएं बेबुनियाद है, सबकुछ फुलप्रूफ सुरक्षा व्यवस्था में हो रहा है, लेकिन इन्हें तो बस अफवाह फैलाकर लोगों को भड़काना है। अपनी हार की हताशा और बौखलाहट में ये किसी भी हद तक गिर सकते हैं। हमने देखा है कि बंगाल में थोड़ी सी जमीन खिसकने की आहट भर से ममता बनर्जी कैसी बौखलायी हुई है। पूरे चुनाव के दौरान बंगाल हिंसा की आग में जलता रहा। बिहार में उपेन्द्र कुशवाहा धमकी दे रहे हैं कि यदि हमारे खिलाफ नतीजे आए तो खून की नदियां बह जाएंगी। मैं उपेन्द्र जी से पूछना चाहता हूं की क्या आप खुद तलवार लेकर निकलेंगे सड़कों पर। और आप किसका खून बहाएंगे, उन मतदाताओं का, जिन्होंने आपको नकार दिया। कलतक आप देश के शिक्षा मंत्री थे। क्या यही आपकी बौद्धिकता है। शर्म आनी चाहिए ऐसे नेताओं को। आने वाले कुछ दिनों तक देश की सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों को काफी सतर्क रहना होगा। हार से बौखलाए ये लोग कुछ भी करवा सकते हैं। लोगों को भड़का कर दंगे करवाना, आतंकी, उग्रवादी या नक्सली हमले करवाना, सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलाना, इनके लिए कुछ भी मुमकिन है। नतीजे आनेवाले हैं, जनादेश का सम्मान करें। यदि हार होती है तो हार के कारणों पर मंथन करें और मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाएं। एक स्वस्थ लोकतंत्र की यही खूवसूरती है। चलिए, अब परिणाम आने में कुछ ही घंटे बचे हैं। परिणामों का इंतजार करें।  


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