कबतक कांग्रेस की ऐसी तैसी करवाते रहेंगे उसके बड़बोले नेता

Published : May 14, 2019 07:20 pm | By: National Mindset News

150 views

चुनाव प्रचार के दौरान उल्टे सीधे बयान कोई नयी बात नहीं है। सभी दल के नेता ऐसे बयान देते हैं, उसपर बहस होती है, हंगामा होता है, आरोप प्रत्यारोप लगते हैं और आम आदमी को ये सब जितना समझ में आता है वो उसी ढंग से इसपर अपनी राय बनाता है। लेकिन कांग्रेस की मुश्किल कुछ अलग है। हर छोटे बड़े चुनाव के दौरान कांग्रेस के कुछ बड़े और प्रभावशाली नेता कुछ ऐसा बोल जाते हैं कि पार्टी की सारी मेहनत पर एक झटके में पानी फिर जाता है।


इन बयानों की वजह से पार्टी को कई बार बड़ा नुकसान झेलना पड़ा है लेकिन कांग्रेस के नेता हैं कि मानते ही नहीं और ऐन मौके पर ऐसे बयान दे देते हैं जिनसे कहीं न कहीं कांग्रेस को बचाव करना मुश्किल हो जाता है। कांग्रेस के ऐसे ही एक बड़े नेता हैं मणिशंकर अय्यर। 2014 के लोकसभा चुनाव में वैसे तो कांग्रेस की हालत खराब ही थी, ऊपर से मोदी की लहर। उसी बीच मणिशंकर ने कह दिया कि मोदी चायवाला है, चाय बेचे...कहां प्रधानमंत्री बनने के सपने देख रहा है...भाई साहब, बीजेपी और मोदी जी ने इस बयान को ऐसा लपका कि कांग्रेस के तोते ही उड़ गये। 2017 में गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने अपनी अच्छी खासी पकड़ बना ली थी। बीजेपी का जीतना मुश्किल दिख रहा था। सारा मामला सेट होने ही वाला था कि मणिशंकर साहब फिर बोल पड़े। कह दिया कि नरेन्द्र मोदी तो बड़ा ही नीच किस्म का इंसान है। बीजेपी को तो लगा जैसे संजीवनी मिल गयी। नरेन्द्र मोदी ने ऐसा समां बांधा कि पूछिए मत। सीधे सीधे इसे गुजरातियों की अस्मिता से जोड़ दिया और कहा कि कांग्रेस उन्हें नहीं सारे गुजरातियों को नीच कह रही है। फिर होना क्या था, पासा पलट गया। बीजेपी गुजरात में हारी हुई बाजी जीत गयी और लुटी पिटी कांग्रेस हाथ मलती रह गयी। बीच बीच में दिग्विजय सिंह भगवा आतंकवाद जैसे बयानों से पीछा चुड़ाने के लिए राहुल गांधी को जनेऊ धारण करने से लेकर कैलाश मानसरोवर की यात्रा तक करनी पड़ गयी। अब 2019 के लोकसभा चुनाव की गहमा गहमी है। कांग्रेस सहित तमाम विपक्षी दल मोदी हटाओ मुहिम में जी जान से जुटे हैं। राहुल का चौकीदार चोर है वाला अभियान पहले ही उलटा पड़ता दिख रहा था। पांच चरण के चुनाव हो चुके थे, तभी छठे चरण के ठीक पहले राहुल गांधी के करीबी सलाहकार माने जाने वाले सैम पित्रोदा ने 84 सिख दंगों पर बोल दिया कि 84 में जो हुआ सो हुआ। वो भी दिल्ली और पंजाब में चुनाव से पहले। बस, फिर से फंस गयी कांग्रेस। नरेन्द्र मोदी ने कम से कम अपनी दस रैलियों में इसका जिक्र किया। हैरान परेशान राहुल गांधी को सैम की खुले मंच से निंदा करनी पड़ी, लेकिन मोदी जी ने इसे भी लपक लिया और पंजाब की रैली में कहा कि पित्रौदा तो कांग्रेस के मन की बात कह रहे थे, तो शर्म तो राहुल गांधी को आनी चाहिए। अब पंजाब चुनाव से पहले एक ओर राहुल गांधी पित्रौदा के बयान पर सफाई और माफी मंगवाते चल रहे हैं, तबतक एक बार फिर पूरे चुनाव के दौरान चुप्पी साध कर बैठे मणिशंकर अय्यर की नींद खुली और उन्होंने कह दिया है कि 2017 में मैंने जो मोदी को नीच कहा था वो देखो अब सही साबित हो रहा है। तो लिजिए साहब, चुनाव खत्म होते होते मणि बाबू ने कांग्रेस की ताबूत में आखिरी कील ठोंक ही दी। इसके बाद अब बीजेपी तो कांग्रेस की बखिया उधेड़ने में जुट गयी है और राहुल गांधी के पास तो अपना गूमड़ सहलाने का भी समय नहीं बचा है। कांग्रेस की चादर में इतने छेद हो चुके हैं कि रफू करने की भी जगह नहीं बची है। चलिए अब जो हुआ सो हुआ, 23 तारीख का इंतजार किया जाए।     


Nationalmindset TV Analysis

Prediction        Result
View More

राहुल गांधी का कांग्रेस में कोई विकल्प नहीं, बने रहेंगे अध्यक्ष

सपने कितने ही सुहाने क्यों न हों, तब तक पूरे नहीं होते जब तक साथियों की सोच काम को लेकर एक जैसी नहीं होती है - प्रधानमंत्री

मोदी की सुनामी में उड़ गई वंशवाद की राजनीति, मुख्यमंत्रियों के बेटे-बेटी से लेकर ‘महाराज’ तक हारे

PM Modi tendered his resignation to Ram Nath Kovind along with the Council of Ministers

सबसे ज्यादा सटीक साबित हुआ National Mindset TV का एग्जिट पोल

'change in trends' behind the mammoth BJP win in Lok Sabha 2019

PM Modi's first stop at LK Advani and Murli Manohar Joshi after thumping win

बी.जे.पी की जीत की ख़ुशी से सब पहुंचे बी.जे.पी पार्टी ऑफिस |

लोकसभा चुनाव परिणाम : मोदी की सुनामी में BJP का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन, एनडीए 350 के नजदीक

BJP set to return to power as Modi wave sweeps most of India

पिछले पांच वर्षों में कितनी बदली महिलाओं की हालत, क्या रह गया बाकी।

मुसलमानों ने थामा कमल, रंग चढ़ा इंद्रेश कुमार का

Modi- Didi face-off in high stakes Bengal battle

हिन्दुत्व के मुद्दे पर लड़ी जाएगी भोपाल की जंग, दिग्गज दिग्विजय के खिलाफ बीजेपी ने उतारा साध्वी प्रज्ञा को।

PM Modi tendered his resignation to Ram Nath Kovind along with the Council of Ministers

बिहार में जाति धर्म से ऊपर उठकर विकास के मुद्दे पर वोट कर रहे हैं युवा, जातीय समीकरण को लग सकता है झटका।

मोदी की सुनामी में उड़ गई वंशवाद की राजनीति, मुख्यमंत्रियों के बेटे-बेटी से लेकर ‘महाराज’ तक हारे

"Villains end entire negativity on screen" Shailendra Shrivastava

नवादा लोकसभा सीट : एनडीए बनाम महागठबंधन की लड़ाई को त्रिकोणीय बना दिया है निवेदिता सिंह ने।

भोपाल से दिग्विजय सिंह के खिलाफ बीजेपी ने साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को ही क्यों चुना?