सबके विश्वास की ओर बढ़ती मोदी सरकार

Published : Jun 12, 2019 07:09 pm | By: National Mindset News

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किसी भी सरकार और पार्टी के लिए सर्वाधिक सम्मानजनक होता है अपने चुनावी घोषणापत्र में किए गए वादों का अनुपालन करना, घोषणा पत्र में किए गए वादों के आलोक में फैसले लेना और उन्हें जमीन पर उतारना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार की यह पारी इस मायने में न सिर्फ सही साबित होती दिख रही है, बल्कि एक नया मानक भी स्थापित करने की ओर आगे बढ़ रही है।


आज मोदी सरकार की मंत्री परिषद की बैठक होने वाली है जिसमें कई अहम फैसले लिए जाने हैं। सबसे पहले प्रधानमंत्री की यह कोशिश दिख रही है कि सरकार में शामिल सभी की जवाबदेही तय हो और सरकारी कामकाज में अधिकतम पारदर्शिता स्थापित की जाय। यही कारण है कि प्रधानमंत्री ने सभी मंत्रालयों से सौ दिन का कार्यवृत्त मांगा है, जिस पर आज चर्चा हो सकती है। इससे पहले प्रधानमंत्री ने सभी मंत्रालयों के सचिवों के साथ एक बैठक भी की जिसमें उनके द्वारा किए जाने वाले कार्यों और योजनाओं पर चर्चा हुई। मोदी सरकार भारत में राजनीतिक विश्वसनीयता का नया अध्याय लिखने की ओर आगे बढ़ रही है जिसके मंत्रिपरिषद की आज बड़ी बैठक होगी। इसमें लिए जाने वाले महत्वपूर्ण फैसलों का सीधा प्रभाव देश की जनता पर पड़ेगा। ध्यान रहे सरकार के शपथ ग्रहण के बाद जब कैबिनेट पहली बैठक हुई थी तो उसमें सबसे पहला फैसला ग्रामीण विकास और किसानों के लिए लिया गया था। इससे यह संकेत मिल गया था कि आने वाले समय में मोदी सरकार ग्रामीण विकास, किसान-मजदूर और युवाओं को ध्यान में रखकर विकास की योजनाओं के साथ आगे बढ़ेगी।

आज की बैठक का जो सर्वाधिक महत्वपूर्ण विषय चर्चा में है वह अल्पसंख्यकों के लिए योजनाओं की मंजूरी है। हमें ध्यान होगा कि शपथ ग्रहण से पहले भाजपा और एनडीए के सांसदों की बैठक में प्रधानमंत्री ने एक लंबा भाषण दिया था, जिसमें अपनी दूसरी पारी की प्राथमिकताओं को सबके सामने रखते हुए ज़ोर देकर कहा था कि सबका साथ - सबका विकास के साथ इस पारी में सबका विश्वास हासिल करना हमारी सरकार की प्राथमिकताओं में होगा और इसी दिशा में हम सभी को काम करना है और आगे बढ़ना है।

आज की मीटिंग के एजेंडा में जो फैसले हो सकते हैं उनमें महत्वपूर्ण फैसला अगले पांच साल में 5 करोड़ मुस्लिम विद्यार्थियों को 'प्रधानमंत्री छात्रवृत्ति' देने का है। खास बात ये है कि इसमें से करीब ढ़ाई करोड़ यानी 50 प्रतिशत छात्राएं होंगी। इसके अतिरिक्त पांच साल में 25 लाख नौजवानों को रोजगारपरक कौशल शिक्षा उपलब्‍ध कराने की योजना बन रही है।

इसके साथ ही 'सीखो और कमाओ', 'नई मंजिल', 'गरीब नवाज कौशल विकास' और 'उस्‍ताद' जैसे रोजगारपरक योजनाओं को और अधिक प्रभावकारी बनाये जाने की भी चर्चा चल रही है। प्राप्त सूचनाओं के आधार पर यह कहा जा रहा है कि इस संदर्भ में अल्पसंख्यक विकास मंत्रालय ने एक मसौदा तैयार किया है जिस पर आज मुहर लग सकती है। इन योजनाओं की मंजूरी से मोदी सरकार का पहला कदम स्थापित हो जाएगा जो सबका विश्वास की दिशा में एक परिवर्तनकारी कदम सिद्ध होगा।

इसके मुख्य पक्षों में शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और जीवन स्तर है। प्रधानमंत्री की पिछली पारी में भी इस बात पर ज़ोर था कि मुख्यधारा से अलग जीवन जीने वालों के जीवन स्तर को ऊपर उठाया जाय। इसी के तहत स्वच्छता मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान योजना आदि के साथ अल्पसंख्यकों के लिए भी अलग से कई योजनाएँ चलाई गईं। पहले से चल रही सभी योजनाओं के साथ कुछ विशेषीकृत नये कार्यक्रम लेकर सरकार आ रही है जिससे सम्यक विकास का मार्ग आसान होगा।

किसी भी सरकार की चुनावी प्राथमिकता यदि सरकार बनने के बाद योजनाओं के रूप में जमीन पर उतरने लगे तो इसे सक्षम और ईमानदार सरकार के रूप में देखा जाता है। प्रधानमंत्री मोदी की दूसरी पारी इसी ओर बढ़ती और आम जनमानस का विश्वास जीतने के लिए तत्पर दिख रही है।

 


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