लालकृष्‍ण आडवाणी के सियासी सफर पर लगा विराम, गांधीनगर में अमित शाह सम्भालेंगे उनकी विरासत।

Published : Mar 22, 2019 07:44 pm | By: National Mindset News

71 views

भारतीय जनता पार्टी को पिछले तीस सालों में फर्श से अर्श तक ले जाने वाले वयोवृद्ध नेता लालकृष्णन आडवाणी के राजनीतिक सफर पर विराम लग गया है। 1998 से लगातार गांधीनगर से जीत दर्ज करने वाले आडवाणी की विरासत को आगे बढाने की जिम्मेदारी, पार्टी अध्यक्ष अमित शाह को सौंपी गयी है।


2014 की बङी जीत के बाद एक बार फिर सत्‍ता पर काबिज होने के लिए भाजपा इस बार बड़ी सर्जरी के मूड में है। पार्टी की 184 उम्‍मीदवारों की जारी पहली लिस्‍ट में करीब एक दर्जन से ज्‍यादा सांसदों के टिकट काटे गए हैं। 2014 में भाजपा की जीत में बड़ी भूमिका निभाने वाले उत्‍तर प्रदेश से सबसे ज्‍यादा 6 सांसदों के टिकट काटे गए हैं। वहीं महाराष्‍ट्र, छत्‍तीसगढ़, राजस्‍थान से भी टिकट कटे हैं। भारतीय जनता पार्टी में अटल युग के कद्दावर नेता लालकृष्‍ण आडवाणी ने पहले ही लोकसभा चुनाव न लड़ने का फैसला कर लिया था। इस बार इस सीट पर पार्टी अध्‍यक्ष अमित शाह को टिकट दिया गया है। अमित शाह पहली बार लोकसभा का चुनाव लड़ेंगे। उत्‍तर प्रदेश से इस बार जिन मौजूदा सांसदों के टिकट कटे हैं उसमें पहला नाम शाहजहांपुर से सांसद और केंद्रीय मंत्री कृष्‍णा राज का है। इसके अलावा संभल से सत्यपाल सैनी, आगरा से मौजूदा सांसद रामशंकर कठेरिया, आगरा की पड़ोसी सीट फतेहपुर सीकरी से बाबूलाल, हरदोई से अंशुल वर्मा और मिश्रिख से अंजुबाला का भी टिकट कट गया है। उत्तराखंड से बीसी खंडूरी और भगत सिंह कोशियारी सहित 20 राज्यों के लगभग 30 मौजूदा सांसदों के टिकट कट चुके हैं। अपनी पहली लिस्ट में ही पार्टी ने साफ संकेत दे दिए हैं कि अभी और भी सांसदों के टिकट कटेंगे। हमने पहले भी बताया था कि सिर्फ यूपी में दो दर्जन से ज्यादा सांसदों की उम्मीदवारी छिन सकती हैं। पहले कहा जा रहा था कि किसी मंत्री का टिकट इसबार नहीं कटेगा, लेकिन कृष्णा राज का टिकट काटकर पार्टी ने लोगों की ये गलतफहमी भी दूर कर दी है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि अंतिम लिस्ट जारी होने तक बीजेपी के कितने सांसद सङक पर आते हैं।  

 


Nationalmindset TV Analysis

Prediction        Result
View More

राहुल गांधी का कांग्रेस में कोई विकल्प नहीं, बने रहेंगे अध्यक्ष

सपने कितने ही सुहाने क्यों न हों, तब तक पूरे नहीं होते जब तक साथियों की सोच काम को लेकर एक जैसी नहीं होती है - प्रधानमंत्री

मोदी की सुनामी में उड़ गई वंशवाद की राजनीति, मुख्यमंत्रियों के बेटे-बेटी से लेकर ‘महाराज’ तक हारे

PM Modi tendered his resignation to Ram Nath Kovind along with the Council of Ministers

सबसे ज्यादा सटीक साबित हुआ National Mindset TV का एग्जिट पोल

'change in trends' behind the mammoth BJP win in Lok Sabha 2019

PM Modi's first stop at LK Advani and Murli Manohar Joshi after thumping win

बी.जे.पी की जीत की ख़ुशी से सब पहुंचे बी.जे.पी पार्टी ऑफिस |

लोकसभा चुनाव परिणाम : मोदी की सुनामी में BJP का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन, एनडीए 350 के नजदीक

BJP set to return to power as Modi wave sweeps most of India

पिछले पांच वर्षों में कितनी बदली महिलाओं की हालत, क्या रह गया बाकी।

मुसलमानों ने थामा कमल, रंग चढ़ा इंद्रेश कुमार का

Modi- Didi face-off in high stakes Bengal battle

हिन्दुत्व के मुद्दे पर लड़ी जाएगी भोपाल की जंग, दिग्गज दिग्विजय के खिलाफ बीजेपी ने उतारा साध्वी प्रज्ञा को।

PM Modi tendered his resignation to Ram Nath Kovind along with the Council of Ministers

बिहार में जाति धर्म से ऊपर उठकर विकास के मुद्दे पर वोट कर रहे हैं युवा, जातीय समीकरण को लग सकता है झटका।

मोदी की सुनामी में उड़ गई वंशवाद की राजनीति, मुख्यमंत्रियों के बेटे-बेटी से लेकर ‘महाराज’ तक हारे

"Villains end entire negativity on screen" Shailendra Shrivastava

नवादा लोकसभा सीट : एनडीए बनाम महागठबंधन की लड़ाई को त्रिकोणीय बना दिया है निवेदिता सिंह ने।

भोपाल से दिग्विजय सिंह के खिलाफ बीजेपी ने साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को ही क्यों चुना?