गृह, वित्त, रक्षा और विदेश मंत्रालय पर सबकी नजर, किसकी होगी छुट्टी-कौन पाएगा कैबिनेट में जगह, मोदी के साथ नये मंत्री भी लेंगे शपथ

Published : May 29, 2019 07:55 pm | By: National Mindset News

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प्रधानमंत्री के रूप में 30 मई से नरेंद्र मोदी की दूसरी पारी शुरू होने जा रही है। इससे पहले हर तरफ चर्चा इस बात को लेकर है कि मोदी की नई टीम में किस-किस को जगह मिलेगी और किसकी छुट्टी होगी। मंत्रिमंडल को लेकर बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व में भी माथापच्ची चल रही है। इसी मसले पर मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास में नरेंद्र मोदी और अमित शाह के बीच साढ़े चार घंटे से ज्यादा गहन चर्चा हुई।


माना जा रहा है कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए की नई सरकार में कई दिग्गज और मौजूदा मंत्रियों को जगह नहीं मिलेगी और 40 फीसदी नए चेहरों को शामिल किया जाएगा। बीजेपी सूत्रों के मुताबिक, इस बार देश को नया गृह, वित्त, रक्षा और विदेश मंत्री मिल सकता है। अरुण जेटली ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर स्वास्थ्य कारणों से मंत्री बनने से मना कर दिया है। स्वास्थ्य के आधार पर ही सुषमा स्वराज भी मंत्रीमंडल से अलग रह सकती हैं। इस स्थिति में पीयूष गोयल का वित्त मंत्री बनना तय है। इस बात की चर्चा जोरों पर है कि पहली बार लोकसभा में जीतकर आए बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, मोदी मंत्रीमंडल में नंबर दो की हैसियत से गृह मंत्रालय की कमान संभाल सकते हैं। ऐसी स्थिति में पार्टी अध्यक्ष की जिम्मेदारी नितिन गडकरी को फिर से सौंपी जा सकती है। ऐसे में उऩके मंत्रालय की जिम्मेदारी, जहां काफी शानदार काम हुआ है, किसी उर्जावान और बड़ी सोच वाले को सौंपी जा सकती है। हालांकि पिछले कार्यकाल में उनके जोरदार कामकाज को देखते हुए मंत्रीमंडल में बड़ी जिम्मेदारी के साथ उन्हें बरकरार भी रखा जा सकता है। तब पार्टी अध्यक्ष के लिए जेपी नड्डा और भूपेन्द्र यादव के नामों की भी चर्चा है। राजनाथ सिंह को रक्षा मंत्रालय सौंपे जाने की चर्चा है। निर्मला सीतारमण वाणिज्य मंत्रालय संभाल सकती हैं। पहली बार लोकसभा चुनाव जीते रविशंकर प्रसाद का मंत्रालय भी बदल सकता है। एमएसएमई और कौशल विकास मंत्रालय रोजगार के मामले में काफी महत्वपूर्ण है। लेकिन पिछले कार्यकाल में यहां प्रधानमंत्री की सोच के हिसाब से काम नहीं हुआ। इसलिए इसबार अंदाजा लगाया जा रहा है कि इन दोनों मंत्रालयों को एक में मिलाकर आरके सिंह जैसे किसी अनुभवी नौकरशाह को इसकी कमान सौंपी जा सकती है। किरण रिजुजू, राज्यवर्धन सिंह राठौड़ और जितेन्द्र सिंह का कद बढ़ेगा। मानव संसाधन मंत्रालय पर संघ काफी ध्यान दे रहा है। लेकिन पिछले कार्यकाल में शिक्षा के क्षेत्र में संघ के विचारों के अनुरूप काम नहीं हो पाया। इसलिए प्रकाश जावड़ेकर की यहां से छुट्टी होगी और किसी शिक्षाविद या संघ से जुड़े किसी जानकार को यह जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। आरएसएस के कुछ प्रचारकों को भी मंत्रीमंडल में शामिल किया जा सकता है। राहुल गांधी को हराकर पहली बार लोकसभा पहुंची स्मृति ईरानी का भी मंत्रीमंडल में कद बढ़ना तय है और विदेश मंत्री बनाये जाने की चर्चा जोरों पर है।  मंत्रीमंडल के कुछ बड़े नाम जो इसबार बाहर रह सकते हैं उनमें राधामोहन सिंह, उमा भारती, अश्विनी चौबे, रामकृपाल यादव, हरदीप सिंह पुरी, मनोज सिन्हा, अल्फोंस कनंथनम और पी राधाकृष्णन के नाम प्रमुख हैं। इसबार के मंत्रीमंडल में काफी युवा और नये चेहरे भी दिखेंगे। इसके अलावा वे राज्य जहां भाजपा ने पहली बार बड़ी जीत का परचम लहराया है, वहां के सांसदों को मंत्री पद दिया जाएगा। इसमें पहला नंबर पश्चिम बंगाल का आता है। यहां पर भाजपा ने टीएमसी के किले में बड़ी सेंध लगाई है। नये चेहरों में बीजेपी से गोपाल शेट्टी, अनुराग ठाकुर, डॉ. किरीट सोलंकी, रीता बहुगुणा जोशी, अपाराजिता सारंगी, अर्जुन मुंडा, रमेश कौशिक, ब्रजेन्द्र सिंह, नित्यानंद राय और मुकुल रॉय मंत्रीमंडल में शामिल हो सकते हैं। इनके अलावा जेडीयू से आरसीपी सिंह, राजीव रंजन सिंह ललन और दिनेश चंद्र यादव को मंत्री पद मिल सकता है। एलजेपी से रामविलास पासवान ही मंत्री बनेंगे। इसबार मंत्रीमंडल में शिवसेना की भी भागीदारी बढ़ेगी। नवीन पटनायक और जगन रेड्डी का भी एनडीए में शामिल होना तय है। ऐसे में उनकी पार्टी के लिए मंत्रीमंडल में जगह रखी जाएगी।


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